
23 जनवरी को चंडीगढ़ में भयंकर मौसम ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया। तेज आंधियों और झमाझम बारिश ने शहर के विद्युत तंत्र पर जबरदस्त हमला बोला, जिससे कई सेक्टरों में घंटों अंधेरा छा गया।
हवाओं ने हाई-टेंशन तारों को हिला दिया, लाइन फॉल्ट, तार टूटने और खंभों के ढहने का सिलसिला शुरू हो गया। बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर लाइनों पर गिर पड़े, जिससे 182 ब्रेकडाउन और 34 ट्रांजिएंट फॉल्ट दर्ज हुए। कुल 37 खंभे ध्वस्त हो गए।
11 केवी से 66 केवी तक फीडर बार-बार ट्रिप होते रहे। मोहाली से सेक्टर-39 तक सर्किट फेल होने से सेक्टर-12, वाटर वर्क्स आदि प्रभावित हुए। 94 फीसदी समय बादल छाए रहे, कम दिखाई देने और जलभराव ने मरम्मत में बाधा डाली।
चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने फौरन इमरजेंसी मोड चालू कर दिया। लोड शिफ्टिंग और पेट्रोलिंग टीमें तैनात की गईं। भारी बारिश में भी कर्मचारी जुटे रहे, ज्यादातर जगहें रोशन हो गईं।
सेक्टर-37, 34 व 18 में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। पेड़ों की टहनियां फीडरों पर अटक गईं। टीमों ने पेट्रोलिंग, आइसोलेशन, छंटाई और मरम्मत की। चरणबद्ध तरीके से बिजली बहाल की गई।
सीपीडीएल ने कहा कि काम सुरक्षित गति से चल रहा है। जल्द सामान्य आपूर्ति बहाल होगी। लोगों से सहयोग और धैर्य की अपील की गई। कंपनी ने विश्वसनीय बिजली देने का वादा दोहराया।