
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित खान-पान और बैठे रहने की आदतें कई बीमारियों को न्योता दे रही हैं। खासकर महिलाओं में पीसीओडी जैसी समस्या आम हो गई है। लेकिन योग का चक्की चालनासन इस समस्या का सरल और प्रभावी समाधान साबित हो रहा है।
यह आसन पारंपरिक अनाज पीसने वाली चक्की की गति की तरह शरीर को घुमाता है, जिससे पेट, कमर, पीठ और कूल्हों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। नियमित अभ्यास से न सिर्फ शारीरिक ताकत बढ़ती है, बल्कि मन को शांति भी मिलती है।
अभ्यास विधि सरल है। जमीन पर पैर फैलाकर बैठें, दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें। हाथ आगे फैलाकर उंगलियां आपस में फंसाएं। रीढ़ सीधी रखकर ऊपरी शरीर को दाएं-बाएं गोल-गोल घुमाएं। पहले एक दिशा में 15-20 चक्कर, फिर दूसरी दिशा में। सांस सामान्य रखें। शुरुआत में 2 मिनट से शुरू करें।
इसके फायदे गजब के हैं। पेट की चर्बी पिघलती है, आंतें स्वस्थ रहती हैं- गैस, कब्ज, अपच दूर। पीठ दर्द और सायटिका से बचाव होता है। महिलाओं के लिए वरदान: गर्भाशय मजबूत, माहवारी नियमित, दर्द कम, पीसीओडी नियंत्रण में। डिलीवरी के बाद वजन तेजी से घटता है। रक्त संचार बेहतर होने से तनाव भागता है।
सावधानी बरतें: गर्भवती महिलाएं चिकित्सक सलाह लें। गंभीर पीठ समस्या, डिस्क स्लिप या ऑपरेशन हाल ही में हो तो避 करें। दर्द हो तो तुरंत रुकें। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं।
चक्की चालनासन को दैनिक जीवन में अपनाकर आप स्वस्थ और सक्रिय रह सकते हैं। आज से ही शुरू करें।