
भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कमर कस ली है। दिल्ली में एक बड़े ऑपरेशन में सीपीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। छापेमारी में 3.7 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई, जो हाल के वर्षों की सबसे बड़ी रिश्वतखोरी की घटनाओं में शुमार है।
आरोपी अधिकारी, जो कार्यकारी इंजीनियर के पद पर तैनात थे, निजी ठेकेदारों से मोटी रकम वसूलते थे। बदले में वे लंबित बिल पास करने और बड़े प्रोजेक्ट आवंटित करने का वादा करते थे। खुफिया जानकारी के आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाया और 50 लाख रुपये की पहली किस्त लेते ही उन्हें धर दबोचा।
आवास और कार्यालय की तलाशी में छिपे तिजोरियों और अलमारियों से भारी मात्रा में नोट निकले। प्रारंभिक जांच से पता चला कि यह रकम वर्षों से चली आ रही रिश्वत के लेन-देन का नतीजा है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू हो गई है।
सीपीडब्ल्यूडी सरकारी भवनों और इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करता है, लेकिन बार-बार सामने आ रहे घोटाले चिंता बढ़ा रहे हैं। यह गिरफ्तारी भ्रष्ट अधिकारियों के लिए चेतावनी है। जांच एजेंसी ने पूरे नेटवर्क को उजागर करने का भरोसा दिलाया है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।