
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भारतीय ऑर्डनेंस फैक्ट्री सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का शिकंजा कसा है। फिरोजाबाद के हजरतपुर ऑर्डनेंस इक्विपमेंट फैक्ट्री के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप लगा है। 1998 बैच के यह अधिकारी वर्तमान में कानपुर की ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड ट्रेनिंग अकादमी में तैनात हैं।
एजेंसी ने 26 फरवरी को यह मुकदमा दर्ज किया। जांच में पता चला कि 1 अप्रैल 2022 से 31 दिसंबर 2025 तक आरोपी ने अपनी ज्ञात आय से 73.28 प्रतिशत अधिक यानी करीब 55.58 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित की। इसकी कोई संतोषजनक व्याख्या नहीं दे सके।
कोर्ट से सर्च वारंट हासिल कर 27 फरवरी को आगरा, लखनऊ, बरेली और कानपुर के पांच स्थानों पर दबिश दी गई। तलाशी में आगरा (2025 खरीद), लखनऊ (2023) और बरेली की तीन आवासीय संपत्तियों के कागजात बरामद हुए। आगरा-लखनऊ घरों से 49 लाख के गहने और 5 लाख नकद जब्त। बैंक पासबुक, क्रेडिट कार्ड, वाहन दस्तावेज और निवेश रिकॉर्ड भी हाथ लगे।
रक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार की यह घटना गंभीर सवाल खड़ी करती है। सीबीआई आगे पूछताछ और वित्तीय जांच में लगी है। मामले का असर आरोपी के करियर पर पड़ेगा।