
रांची की सीबीआई विशेष अदालत ने 22 साल पुराने बिटुमिन घोटाले में गढ़वा के भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। कलावती कंस्ट्रक्शन के पूर्व निदेशक रहे तिवारी अब पूर्ण मुकदमे का सामना करेंगे।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप गठित किए। सीबीआई को 20 फरवरी से साक्ष्य पेश करने का निर्देश दिया गया है। यह मामला 2003-04 का है जब पथ निर्माण विभाग में बिटुमिन खरीद में भारी अनियमितताएं सामने आई थीं।
जांच में पाया गया कि कंपनी ने 114 चालानों में से 61 जाली थे। इनके जरिए करीब 2.23 करोड़ रुपये का गैरकानूनी भुगतान हासिल किया गया। तिवारी पर आपराधिक साजिश रचकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने का इल्जाम है।
पहले उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज हो चुकी है। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया मजबूत केस माना। अब गवाहों के बयान दर्ज होंगे।
यह फैसला झारखंड की राजनीति में भूचाल ला सकता है। पुराने घोटालों पर कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ संदेश मजबूत हो रहा है। विधायक की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
