
त्रिपुरा के चिट फंड घोटाले में 13 साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपी संजीत चक्रवर्ती को सीबीआई ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मंगलवार को की गई, जो पूर्वोत्तर राज्य में चले आ रहे इस बड़े वित्तीय घोटाले में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रही है।
कोलकाता की मेसर्स कॉस्मिक नेगोसिएटर्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन और एमडी रहे चक्रवर्ती 2013 में त्रिपुरा पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद से गायब थे। डीएसपीई एक्ट 1946 के तहत सीबीआई ने मामला संभाला और दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल कीं। पहली 2015 में 7.48 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और दूसरी 2024 में 27.13 लाख के घोटाले के लिए।
लगातार छापेमारी और मुखबिरों की सूचना पर सीबीआई ने उन्हें पकड़ा। कोलकाता कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उन्हें त्रिपुरा लाया जाएगा। जांच अधिकारी आगे की कार्रवाई जारी रखेंगे।
त्रिपुरा में चिट फंड कंपनियों ने पोंजी स्कीम के जरिए हजारों लोगों को ठगा। 2024 में हाईकोर्ट ने पीड़ितों को पैसा लौटाने की योजना बनाने का आदेश दिया। सीबीआई ने असम, तमिलनाडु आदि से भी आरोपी पकड़े। यह गिरफ्तारी घोटाले के शिकार परिवारों के लिए राहत की किरण है।
