
कर्नाटक के बलारी में हुई हिंसक झड़पों के दौरान एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई से जांच कराने की जोरदार मांग की है। उन्होंने राज्य सरकार पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
घटना उस समय घटी जब कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच तीखी बहस तेज झड़पों में बदल गई। पथराव और मारपीट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में पहले से ही तनाव व्याप्त था और छोटी-सी चिंगारी ने पूरे इलाके को आग के गोले में बदल दिया।
विजयेंद्र ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘इस तरह की घटनाओं को दबाने के लिए राज्य सरकार स्थानीय जांच को ढाल बना रही है। सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी ही सच्चाई उजागर कर सकती है।’ उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी दल के हों।
कांग्रेस ने इस मांग को सिरे से खारिज करते हुए भाजपा पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि पुलिस पहले ही कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और जांच तेजी से चल रही है। उन्होंने दावा किया कि वीडियो फुटेज में भाजपा कार्यकर्ताओं की आक्रामकता साफ दिख रही है।
बलारी जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कर्फ्यू और फ्लैग मार्च के जरिए शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। खनन माफिया और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण यह इलाका अक्सर हिंसा का शिकार होता रहा है।
यह घटना कर्नाटक की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए दोनों दल इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकार सीबीआई जांच की सहमति देगी या स्थानीय स्तर पर ही मामला निपटा लेगी?
पीड़ित परिवार न्याय की प्रतीक्षा में है। राजनीतिक बयानबाजी से इतर वास्तविक न्याय ही इस घाव को भर सकता है। विजयेंद्र की मांग ने निष्पक्ष जांच के महत्व को रेखांकित किया है।