
वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले प्रमुख कारोबारियों ने गुजरात से कच्चा माल और तैयार उत्पाद खरीदने पर गंभीरता से विचार करने की बात कही है। यह सम्मेलन क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जहां विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपतियों ने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर चर्चा की।
गुजरात की मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, टेक्सटाइल्स और कृषि प्रसंस्करण में मजबूती ने कंपनियों का ध्यान खींचा। एक उद्योगपति ने कहा, ‘गुजरात का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल श्रमिक हमें आकर्षित कर रहे हैं।’ सत्रों में कई फर्मों ने लंबी अवधि के सप्लाईर समझौतों की योजना बनाई।
सरकारी अधिकारी निवेशक-अनुकूल नीतियों, जैसे तेज मंजूरी और बल्क खरीद पर प्रोत्साहन पर जोर दिया। बी2बी मीटिंग्स में 200 से अधिक सौदे शुरू हुए, जिसमें स्टील, केमिकल्स से लेकर फार्मा और उपभोक्ता सामान शामिल हैं।
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत गुजरात राष्ट्रीय सप्लाई चेन का केंद्र बन रहा है। इन रुझानों से अरबों के व्यापार की उम्मीद है, जो स्थानीय रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देगा।