
पटना: बिहार स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (बीएसएससी) के अध्यक्ष आलोक कुमार राज के अचानक इस्तीफे ने राज्य की राजनीति में हंगामा मचा दिया है। विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने नीतीश कुमार सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
आलोक राज, जो भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए जिम्मेदार थे, ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि प्रशासनिक दबाव और देरी से भरी प्रक्रियाओं ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया।
आरजेडी के प्रवक्ता ने कहा, ‘यह इस्तीफा सरकार की नाकामी को उजागर करता है। लाखों अभ्यर्थी भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, सरकार जवाब दे।’ पार्टी कार्यकर्ता पटना में प्रदर्शन कर रहे हैं और विधानसभा सत्र में चर्चा की मांग उठा रहे हैं।
बीएसएससी के तहत लिपिक, वनरक्षक जैसी भर्तियों में हो रही देरी से युवा आक्रोशित हैं। सोशल मीडिया पर अभ्यर्थी संगठन सक्रिय हो गए हैं। सरकार ने आंतरिक जांच का संकेत दिया है, लेकिन उत्तराधिकारी पर चुप्पी साधे हुए है।
यह घटना बिहार के रोजगार क्षेत्र की गहरी समस्याओं को रेखांकित करती है। बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं के बीच यह विवाद आग में घी का काम कर सकता है। सरकार का अगला कदम सभी की नजरों में होगा।