
फाल्गुन मास में होली की धूम छाई हुई है। उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक विभाग लौकी की बर्फी को त्योहारों के लिए बेहतरीन विकल्प बता रहा है, जो स्वाद और स्वास्थ्य का अनोखा संगम है। यह मिठाई न केवल मुंह में पानी लाती है बल्कि सेहत को भी मजबूत बनाती है।
उत्तर प्रदेश की पारंपरिक रसोई में लौकी को सब्जी से इतर एक स्वादिष्ट डेसर्ट के रूप में पेश किया जाता है। यह हल्की-फुल्की बर्फी कैलोरी में कम होने के बावजूद मीठेपन से भरपूर है। सांस्कृतिक विशेषज्ञ इसे उत्सवों की पहली पसंद मानते हैं।
लौकी के औषधीय लाभ आयुर्वेद और वैज्ञानिक शोधों से सिद्ध हैं। इसमें 96% पानी, फाइबर, विटामिन ए, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम व एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में हैं। ये पोषक तत्व शरीर को कई लाभ पहुंचाते हैं।
फाइबर से पाचन संबंधी परेशानियां जैसे कब्ज, गैस, एसिडिटी व अपच दूर होती हैं। यह पेट को शीतलता प्रदान कर पाचन शक्ति बढ़ाती है। कम कैलोरी व अधिक जल से भूख नियंत्रित रहती है, वजन घटाने में सहायक। हृदय के लिए पोटैशियम रक्तचाप संतुलित रखता है, कोलेस्ट्रॉल घटाता है। प्राकृतिक डिटॉक्स से त्वचा निखरती है। कम कार्ब्स ब्लड शुगर स्थिर रखते हैं।
बनाना सरल है। लौकी धोकर छीलें, बीज निकालें, कद्दूकस करें। 2 चम्मच घी में भूनें 10 मिनट मध्यम आंच पर। चीनी डालकर पानी सूखने दें। मावा व शेष घी मिलाकर गाढ़ा करें। इलायची पाउडर छिड़कें, ठंडा कर आकार दें।
इस होली लौकी की बर्फी से स्वस्थ स्वाद का आनंद लें।