
आजकल मोबाइल और कंप्यूटर की स्क्रीन पर घंटों नजर टिकाए रखने से आंखें कमजोर हो रही हैं। जलन, थकान, धुंधलापन जैसी परेशानियां आम हैं और युवा वर्ग चश्मे का सहारा लेने को मजबूर हो रहा है।
आयुर्वेद में आंखों को तेजस तत्व से जोड़ा गया है। गलत आदतें जैसे देर रात जागना, तनाव और ज्यादा स्क्रीन समय पित्त दोष को प्रभावित करते हैं, जो आंखों पर बुरा असर डालता है। नियमित नेत्र व्यायाम मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और रक्त प्रवाह सुधारते हैं।
सबसे सरल व्यायाम है तेज पलक झपकाना। सीधे बैठें, 20 बार तेजी से झपकाएं, फिर 10 सेकंड आंखें बंद रखें। यह शुष्कता दूर करता है। ऊपर-नीचे निगाह घुमाएं—सिर स्थिर रखकर 10-15 बार। इससे ऊर्ध्व और अधो मांसपेशियां सक्रिय होती हैं।
दाएं-बाएं देखना फोकस तेज करता है। सिर न हिलाएं, सिर्फ आंखों से बारी-बारी देखें। फिर आंखें गोल घुमाएं—घड़ी की दिशा में 5 चक्कर, उल्टी दिशा में 5। जकड़न मिटती है।
त्राटक विशेष है: मोमबत्ती की लौ पर 30-60 सेकंड बिना झपकाए टिकाएं। एकाग्रता और दृष्टि दोनों मजबूत होती है। इसके अलावा सुबह ठंडे पानी से धोएं, गुलाबजल लगाएं, सप्ताह में दो बार त्रिफला जल से स्नान करें।
स्क्रीन से हर 20 मिनट ब्रेक लें, अच्छी नींद लें, हरी सब्जियां खाएं, खुले आसमान को निहारें। ये छोटे कदम आंखों को स्वस्थ रखेंगे।