
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की अदालतों में दहशत का माहौल है। बुधवार को कई जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल मिलीं, ठीक एक दिन पहले सात अदालतों को इसी तरह की चेतावनियां प्राप्त हुई थीं। इन धमकियों ने न्यायिक परिसरों में हड़कंप मचा दिया और सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर चाक-चौबंद कर दिया गया।
सबसे पहले आसनसोल जिला व सत्र न्यायालय से खबर आई। पश्चिम बर्दवान के जिला न्यायाधीश को ईमेल में दावा किया गया कि परिसर में बम रखा गया है जो जल्द फटने वाला है। आसनसोल-दुर्गापुर के डीसीपी ध्रुबा दास तुरंत पहुंचे और पूरे इलाके को खाली करा लिया। बम निरोधक दलों ने छानबीन शुरू की।
इसी तरह बीरभूम के सूरी जिला न्यायालय में भी जज को धमकी वाला मैसेज मिला। दोपहर 12 बजे की सुनवाई से ठीक पहले यह संदेश आया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। सभी को बाहर निकाला गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन चला। दोपहर 2 बजे तक दोनों जगहों पर कोई विस्फोटक नहीं मिला।
प्रारंभिक जांच में इसे शरारत या अफवाह बताया जा रहा है। पड़ोसी झारखंड के धनबाद कोर्ट में भी आरडीएक्स बम की धमकी से हड़कंप मच गया। लगातार धमकियों से न्यायाधीशों व वकीलों में भय का वातावरण है।
राज्य प्रशासन ने नाबन्ना में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘अदालतों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। घबराएं नहीं, संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें।’ साइबर सेल डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है। बढ़ी सुरक्षा के बीच न्याय व्यवस्था पटरी पर लौट रही है, लेकिन अपराधियों को पकड़ने का प्रयास तेज है।