
बुधवार को पटना सिविल कोर्ट में दहशत फैलाने वाली घटना तब घटी जब एक अज्ञात कॉलर ने कोर्ट को बम से उड़ा देने की भयानक धमकी दी। दोपहर करीब 12 बजे कोर्ट स्टाफ को मिली इस धमकी ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। तुरंत निकासी की प्रक्रिया शुरू हो गई और सुरक्षा बलों ने क्षेत्र को घेर लिया।
आंखों देखा हाल बताता है कि वकील, मुवक्किल और कर्मचारी सायरन की आवाज में सड़कों पर भागे। पुलिस ने बम निष्क्रियकरण दस्ते और कुत्तों की टीम तैनात की। घंटों की तलाशी के बाद कोई विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन यह घटना न्यायिक जगत को हिलाकर रख गई।
पटना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष की अगुवाई में वरिष्ठ वकीलों ने इसे न्यायपालिका पर सीधा हमला बताया। ‘यह लोकतंत्र पर प्रहार है,’ उन्होंने कहा। एसोसिएशन ने बिहार डीजीपी से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। अपराधी की शिनाख्त और गिरफ्तारी का दबाव बढ़ रहा है।
प्रारंभिक जांच में कॉल लोकल नंबर से आई लगती है। फॉरेंसिक टीमें डिजिटल ट्रेल ढूंढ रही हैं। पटना जैसे शहर जहां कोर्ट विवाद हिंसक हो जाते हैं, यह घटना सुरक्षा चूक उजागर करती है। राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं।
सुरक्षा मजबूत करने, निगरानी बढ़ाने और प्रोटोकॉल सख्त करने की मांग तेज है। वकील निर्भय होकर काम जारी रखेंगे, लेकिन धमकी देने वाले को सजा दिलाने का संकल्प अटल है।