
मुंबई की यातायात समस्याओं से निजात दिलाने वाली गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) परियोजना में देरी से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने ठेकेदार पर अंतिम 50 लाख रुपये का जुर्माना ठोंक दिया है।
अतिरिक्त आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने बुधवार को दिंडोशी कोर्ट से दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी तक के फ्लाईओवर स्थल का जायजा लिया। निरीक्षण में पाया गया कि ठेकेदार समयसीमा का पालन नहीं कर रहा। यह 1.26 किमी लंबा फ्लाईओवर चरण 3(ए) का हिस्सा है, जो रत्नागिरी जंक्शन होटल के पास 90 डिग्री मोड़ लेकर पश्चिमी-पूर्वी उपनगरों को जोड़ेगा।
कुल कार्य का 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है। 31 खंभे बन गए हैं और 30 में से 20 स्पैन तैयार हैं। बाकी 10 स्पैन, बीम, डेक स्लैब और पहुंच मार्ग शीघ्र पूरे करने होंगे। बीएमसी का लक्ष्य मानसून पूर्व समापन और 31 मई 2026 तक ट्रैफिक के लिए खोलना है।
धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए बांगर ने जनशक्ति-मशीनरी बढ़ाने और जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। चित्रनगरी में फ्लाईओवर लैंडिंग सड़क पर जल निकासी, सीवर लाइनें और अदानी पावर का ट्रांसफॉर्मर बाधा हैं, जिन्हें तुरंत हटाने को कहा गया।
गोरेगांव में दोहरी सुरंगों के लॉन्चिंग शाफ्ट का भी दौरा किया। 200x50x30 मीटर का यह स्थल तैयार है, पहली खुदाई पूरी, क्रैडल कार्य शुरू। 350 एमटी क्रेन साइट पर, 800 एमटी फरवरी अंत तक आएगी। टीबीएम से बनेगी आधुनिक सुरंग।
बीएमसी की सख्ती से जीएमएलआर जल्द पूरी होकर लाखों मुंबईकरों को तेज-सुरक्षित यात्रा देगी।