
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने बीएमसी चुनाव में नामांकन स्वीकार न करने की शिकायतों पर बृहन्मुंबई नगर निगम के कमिश्नर भूषण गगरानी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह कार्रवाई कोलाबा के वार्ड 225, 226 और 227 में रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा कुछ उम्मीदवारों के नामांकन पत्र अंतिम दिन ठुकराने के आरोपों के बाद की गई है।
कोलाबा विधानसभा क्षेत्र से विधायक और महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर के रिश्तेदार इन वार्डों से बीएमसी चुनाव लड़ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि आयोग ने जनता की प्रतिक्रिया और मीडिया कवरेज को देखते हुए तत्काल रिपोर्ट मांगी। चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कमिश्नर को निर्देश दिया गया है कि तीनों वार्डों में हुई घटनाओं का पूरा विवरण प्रस्तुत करें।
शिवसेना-यूबीटी और एमएनएस गठबंधन के उम्मीदवार बब्बन महादिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि स्पीकर ने स्थानीय अधिकारियों पर दबाव डाला ताकि विरोधी उम्मीदवारों के नामांकन न लिए जाएं। महादिक ने कहा कि वे समय पर पहुंचे, सुरक्षा जमा की और लाइन में थे, फिर भी वार्ड 226 का फॉर्म स्वीकार नहीं हुआ। सोशल मीडिया पर दावे हैं कि 12 उम्मीदवारों को रोका गया और निर्दलीयों को धमकियां दी गईं।
इन वार्डों में राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद, बहन गौरी शिवलकर और भाभी हर्षिता शिवलकर 30 दिसंबर को नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे, जहां स्पीकर भी मौजूद थे। शिकायतें हैं कि स्पीकर के रिश्तेदारों को निर्विरोध जिताने के लिए यह साजिश रची गई। हालांकि, नार्वेकर ने आरोपों का खंडन किया। उनके भाई मकरंद ने कहा कि स्पीकर केवल भाजपा उम्मीदवारों का समर्थन करने पहुंचे थे और चुनाव निष्पक्ष होगा।
नामांकन की अंतिम तिथि 30 दिसंबर थी, वोटिंग 15 जनवरी को और मतगणना 16 जनवरी को होगी। आयोग रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कदम उठाएगा। यह मामला बीएमसी चुनाव 2024 में पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है।