
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनावों में एग्जिट पोल ने सनसनी मचा दी है। भाजपा और शिवसेना के गठबंधन को करारी जीत मिलने के आसार दिख रहे हैं। वर्षों से शिवसेना के एकछत्र राज के बाद यह नतीजे राजनीतिक समीकरणों को बदलने वाले साबित हो सकते हैं।
शहरभर के मतदान केंद्रों पर अच्छा मतदान हुआ। सड़कों की खराब हालत, पानी की किल्लत और कचरा प्रबंधन जैसी समस्याओं ने वोटरों को प्रभावित किया। गठबंधन ने एकजुट होकर इन मुद्दों पर जोरदार प्रचार किया, जिसका फायदा मिलता दिख रहा है।
प्रमुख एजेंसियों के एग्जिट पोल के मुताबिक, गठबंधन को 227 में से 130 से अधिक वार्ड मिल सकते हैं। इससे बीएमसी पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित हो जाएगा, जो हजारों करोड़ के बजट का फैसला करेगी।
विपक्षी महाविकास अघाड़ी ने पोल को पक्षपाती बताते हुए आधिकारिक नतीजों का इंतजार करने को कहा है। उद्धव ठाकरे गुट के नेता दावा कर रहे हैं कि उनके गढ़ मजबूत हैं। लेकिन आंकड़े गठबंधन के पक्ष में हैं।
कल से वोट गिनती शुरू होगी। यह जीत महाराष्ट्र की आने वाली राजनीति की दिशा तय कर सकती है। मुंबई की सत्ता की जंग में गठबंधन का ‘रणनीतिक रण’ कामयाब होता नजर आ रहा है।
