
नई दिल्ली में सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस वार्ता में एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आक्रामक विरोध पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर युवा भारत की बौद्धिक क्षमता का शानदार प्रदर्शन हुआ, वहीं कांग्रेस ने अपनी घटिया मानसिकता उजागर कर दी। पूरा देश इस घटना से आक्रोशित है, गठबंधन साथी नाराज हैं और अब पार्टी के भीतर से ही गरिमा की मांग उठ रही है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री मार्गरेट अल्वा ने भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार की जरूरत बताई। त्रिवेदी ने चेतावनी दी कि कांग्रेस के हल्के-फुल्के आचरण को जनता, सहयोगी और पुराने नेता सब नकार रहे हैं। यह समस्या नेताओं की नहीं, बल्कि परिवार की खानदानी कमजोरी है।
नेहरू के 1955 के बयान का जिक्र करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि सपेरों वाली भारत की छवि को बनाए रखने की सोच आज भी कांग्रेस में बरकरार है, जो मोदी के नेतृत्व में एआई क्रांति को सहन नहीं कर पा रही। तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी के 1000 करोड़ खर्च के बयान पर तंज कसते हुए उन्होंने गुजरात मॉडल की तुलना में कांग्रेस के शासन मॉडल पर सवाल उठाए।
हिमाचल, तेलंगाना और कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस से पूछा कि आपका मॉडल क्या है? त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रविरोधी है और सत्ता में रहकर जनहित का अहित कर रही है। देश की जनता ही इस खानदानी समस्या का स्थायी समाधान करेगी।