
असम विधानसभा चुनावों में भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 126 सीटों में से 82 पर कब्जा जमाया है, जिससे लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जालुकबारी सीट पर 89,434 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की, जो पार्टी के मजबूत आधार को दर्शाता है।
भाजपा के अन्य प्रमुख नेता भी मैदान फतह करने में सफल रहे। दिसपुर से प्रद्युत बोरदोलोई, गुवाहाटी सेंट्रल से विजय गुप्ता, न्यू गुवाहाटी से डिप्लू रंजन सरमाह ने शानदार प्रदर्शन किया। जगीरोड से पिजुष हजारिका, नलबाड़ी से जयंत मल्ला बरुआ और धेमाजी से डॉ. रनोज पेगु ने भी जीत दर्ज की।
जोनाई से भुबन पेगु, लखीमपुर से मनाब डेका और बिहपुरिया से भूपेन बोरा की जीत ने भाजपा के व्यापक समर्थन को रेखांकित किया। सहयोगी एजीपी के तपन दास ने डिमोरिया से एनडीए की ताकत बढ़ाई।
वहीं, कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। जोरहाट से गौरव गोगोई 23 हजार से अधिक वोटों से हारे, नाजिरा से देबब्रत सैकिया, दिसपुर से मीरा बोरठाकुर, बरखेत्री से दिगंता बर्मन और हाजो-सुआलकुची से नंदिता दास असफल रहीं।
असम जातीय परिषद के लुरिनज्योति गोगोई (खोवांग) और राजेन गोहेन (बरहामपुर), स्वतंत्र जयंत दास व कांकी चौधरी (गुवाहाटी सेंट्रल) भी हार गए। कुल मिलाकर कांग्रेस को 19, बीपीएफ व एजीपी को 10-10, एआईयूडीएफ व रायजोर दल को 2-2 और एआईटीसी को 1 सीट मिली।
यह परिणाम पूर्वोत्तर में भाजपा के प्रभुत्व को और पुख्ता करते हैं, जबकि विपक्ष को पुनर्गठन की चुनौती देता है।
