
महाराष्ट्र के मालेगांव में डिप्टी मेयर कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने से राजनीतिक विवाद भड़क गया है। भाजपा नेता आरपी सिंह ने इसे देश में आक्रांताओं के सम्मान का दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण बताते हुए निंदा की है।
आरपी सिंह ने कहा कि टीपू सुल्तान और औरंगजेब जैसे आक्रमणकारियों की पूजा आज भी जारी है, जो चिंताजनक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोग ऐसी प्रतीकात्मकता से बचें, क्योंकि यह समाज में फूट डालती है।
सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी तस्वीरें अनावश्यक विवादों को जन्म देती हैं। सिंह ने नेताओं से अपील की कि वे राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें।
दूसरी ओर, उन्होंने ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ की सराहना की। नॉर्थ ब्लॉक व साउथ ब्लॉक जैसे औपनिवेशिक भवनों पर भावुकता दिखाने वालों को लताड़ा। ‘ये नई इमारतें 140 करोड़ भारतीयों की सेवा के लिए हैं, जिसमें आधुनिक तकनीक और डिजिटल व्यवस्था है।’
13 फरवरी को साउथ ब्लॉक में कैबिनेट की अंतिम बैठक के बाद यह कदम उठाया गया। सिंह ने इसे स्वतंत्र भारत का स्वागतयोग्य फैसला बताया, जो शासन को जनभावना से जोड़ेगा।
यह पहल औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति का प्रतीक है, जो विकास के नए द्वार खोलेगी।