
पश्चिम बंगाल के सिंगूर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं का जोश देखने लायक है। ‘अब टीएमसी का पत्ता साफ!’ – यह नारा हर गली-मोहल्ले में गूंज रहा है, जो ममता बनर्जी की पार्टी के खिलाफ बढ़ते असंतोष को दर्शाता है।
सिंगूर वह ऐतिहासिक स्थान है जहां 2006 में टाटा नैनो प्रोजेक्ट के खिलाफ किसान आंदोलन ने लेफ्ट फ्रंट सरकार को उखाड़ फेंका था। आज वही सिंगूर भाजपा का नया गढ़ बन रहा है। पीएम मोदी का दौरा केवल एक सभा नहीं, बल्कि राजनीतिक क्रांति का संकेत है।
स्थानीय नेता अरूप घोष ने कहा, ‘लोगों ने ममता दीदी के राज में बेरोजगारी, हिंसा और भ्रष्टाचार झेला है। मोदी जी के आने से 2026 का रोडमैप तैयार हो जाएगा।’ कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतर आए हैं।
तैयारियां जबरदस्त हैं। शहर भर में मोदी जी के कटआउट लगे हैं, युवा मोर्चा बाइक रैली निकाल रहा है, जबकि महिला कार्यकर्ताएं घर-घर जाकर संदेशखाली जैसी घटनाओं का जिक्र कर रही हैं।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में यह दौरा महत्वपूर्ण है। हुगली जिले में हालिया चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन मजबूत हुआ है। पीएम के भाषण में केंद्र की योजनाओं जैसे पीएम आवास और आयुष्मान भारत को लेकर टीएमसी पर हमला होगा।
टीएमसी नेता इसे ‘नाटक’ बता रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग कहानी कहती है। युवाओं में बेरोजगारी से त्रस्तगी है, जिसका फायदा भाजपा उठाने को तैयार है। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है।
मोदी जी के संभावित ऐलान में औद्योगिक विकास पर जोर होगा। सिंगूर फिर से विकास के नक्शे पर चमक सकता है। कार्यकर्ताओं का उत्साह बंगाल की सियासत में बड़ा बदलाव लाने वाला है।