
नई दिल्ली में राजनीतिक तापमान चरम पर है। भाजपा के मुखर प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जोरदार प्रहार किया है। उन्होंने संसद में पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की कथित अप्रकाशित किताब के हवाले से गलवान घाटी संघर्ष पर की गई टिप्पणियों के लिए राष्ट्र से माफी मांगने का एलान किया।
त्रिवेदी ने स्पष्ट कहा कि राहुल के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो चुके हैं। प्रकाशक पेंग्विन और स्वयं जनरल नरवणे ने पुष्टि की है कि ऐसी कोई पुस्तक अस्तित्व में ही नहीं है। पेंग्विन ने चेतावनी भी दी कि नरवणे के नाम से कोई प्रति बांटी गई तो यह कॉपीराइट उल्लंघन होगा।
राहुल पर संसद को भ्रमित करने और राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए त्रिवेदी ने कहा कि वे अब नासमझ बच्चे से शातिर खिलाड़ी बन चुके हैं। ‘यह अपराध है, माफी के योग्य नहीं। अब सच्चाई सामने आ चुकी है, देश माफी मांगे।’
यह विवाद लोकसभा में हंगामे का कारण बना। राहुल ने किताब के कथित अंश पढ़ने की कोशिश की, जिससे सदन ठप हो गया। सत्ताधारी पक्ष ने आपत्ति जताई, कई विपक्षी सांसद निलंबित हुए। सरकार का तर्क है कि पांडुलिपि रक्षा मंत्रालय की जांच में है, जबकि विपक्ष दबाव डाल रहा है।
दिल्ली पुलिस ने लीक प्रतियों पर एफआईआर दर्ज की है। त्रिवेदी ने कांग्रेस को राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाला बताया। राहुल का आरोप था कि सरकार चीन सीमा विवाद के खुलासों को दबा रही है, लेकिन स्पष्टीकरणों ने उनके दावों को झूठा सिद्ध कर दिया।