
बिहार के मधुबनी जिले में एक सार्वजनिक सभा के दौरान हुई झड़प ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। कांग्रेस नेता राजेश राम के सामने ही यह घटना घटी, जिस पर भाजपा और जदयू ने कांग्रेस की ‘मारपीट की संस्कृति’ पर तीखा प्रहार किया है। दोनों दलों के नेताओं ने इसे विपक्ष की गुंडागर्दी का नमूना बताया।
घटना उस समय घटी जब सभा को संबोधित करने की तैयारी हो रही थी। अचानक दो गुटों के कार्यकर्ता भिड़ गए, जिससे मंच पर अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार, धक्कमुक्की और हाथापाई की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है। वे बहस की बजाय बलप्रयोग को तरजीह देते हैं।’ जदयू ने भी समर्थन देते हुए इसे बिहार की शांतिपूर्ण राजनीति के लिए खतरा करार दिया। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और एफआईआर दर्ज की।
यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस पर ऐसी आरोप लगे हैं। बिहार की राजनीति में ऐसी घटनाएं आम हैं, लेकिन इसकी चर्चा पूरे राज्य में हो रही है। आगामी चुनावों को देखते हुए एनडीए गठबंधन इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस ने इसे भाजपा की साजिश बताया, लेकिन जनमानस में इसका असर पड़ रहा है। यह घटना विपक्ष की छवि को धक्का पहुंचा सकती है। मधुबनी की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बिहार की सियासत में छोटी चिंगारी भी बड़ा धधकना पैदा कर सकती है।