
अयोध्या के पवित्र राम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। भाजपा के शीर्ष नेताओं ने इस घटना को गंभीर खतरे की घंटी करार देते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि यह हिंदू भावनाओं पर सीधा हमला है और ऐसी साजिशों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राम जन्मभूमि पर बने भव्य मंदिर का उद्घाटन हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। करोड़ों भक्तों की आस्था का प्रतीक यह मंदिर अब सनातन धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल बन चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाया गया कि कुछ लोग मंदिर परिसर में ही नमाज अदा करने की कोशिश कर रहे थे, जिसे सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत रोक दिया।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘राम मंदिर में नमाज पढ़ने का प्रयास न केवल आपराधिक है, बल्कि यह सांप्रदायिक सौहार्द को तोड़ने की साजिश है। उत्तर प्रदेश सरकार को दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।’ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यह स्थान केवल रामलला के पूजन के लिए आरक्षित है।
संघ सरकार में संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘राम मंदिर हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न अंग है। इसकी पवित्रता पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।’ उन्होंने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बाहरी तत्वों ने यह हरकत की है। अयोध्या प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है, खासकर राम नवमी जैसे प्रमुख पर्वों को देखते हुए।
यह घटना उस समय घटी जब मंदिर न्यास ने सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा उपायों को मजबूत किया था। भाजपा ने केंद्र और राज्य सरकारों से मिलकर ठोस कदम उठाने का आह्वान किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए नई कानूनी व्यवस्थाएं जरूरी हैं।
देश भर से हिंदू संगठनों ने एकजुट होकर विरोध जताया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए सतत सजगता आवश्यक है। भाजपा का संदेश स्पष्ट है- राम मंदिर की पवित्रता अक्षुण्ण रखी जाएगी।
