
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य इकाई में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। पार्टी ने केशव विनायगम को स्टेट ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी के पद से हटाकर प्रसोभ कुमार को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
इस बदलाव के ठीक बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने केशव विनायगम की नई भूमिका की घोषणा कर दी। दक्षिण भारत के आरएसएस प्रवक्ता श्रीराम ने स्पष्ट किया कि यह संगठन की स्थापित परंपरा का हिस्सा है।
“प्रशासनिक जरूरतों के चलते पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को समय-समय पर नई जिम्मेदारियां दी जाती हैं,” उन्होंने कहा। अब विनायगम पूरे तमिलनाडु में सद्भाव समन्वयक के रूप में कार्य करेंगे।
इसके अलावा वे उत्तर तमिलनाडु में आरएसएस की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य भी बनाए गए हैं। सद्भाव की इस भूमिका में समाज के विभिन्न वर्गों में एकता बढ़ाना, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना और जनसंपर्क गतिविधियां मजबूत करना उनका लक्ष्य होगा।
वर्तमान माहौल में यह जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है। आरएसएस ने साफ लब्बोलुबाब यह बताया कि यह कोई सजा या राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
केशव विनायगम ने तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है। उनकी नई भूमिका उनके अनुभव को सामाजिक स्तर पर उपयोग करने का संकेत देती है।
दूसरी ओर, प्रसोभ कुमार से चुनावी तैयारियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। यह फेरबदल संघ परिवार में भूमिकाओं के संतुलन को दर्शाता है, जो तमिलनाडु में राजनीतिक व सामाजिक मजबूती का लक्ष्य रखता है।