
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। भाजपा विधायक और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी पर कथित हमले के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूरे राज्य में सड़कों पर उतरे भाजपा समर्थकों ने ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह टीएमसी का गुंडागर्दी का नंगा नाच है।
घटना नंदीग्राम में घटी जहां सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर पथराव और लाठियां बरसाई गईं। सुरक्षाकर्मियों की चुस्ती से वे बाल-बाल बच गए। भाजपा नेताओं ने इसे टीएमसी की साजिश करार देते हुए सीबीआई जांच की मांग की। राज्य भाजपा अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने चेतावनी दी कि ममता राज में विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश रचाई जा रही है।
प्रदर्शनों में हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। हुगली, हावड़ा समेत कई जिलों में सड़कें जाम कर दी गईं। नारों से गूंजा माहौल- ‘ममता हाय हाय’, ‘बचाओ लोकतंत्र को’। भाजपा ने दावा किया कि पिछले एक साल में 200 से अधिक हमले उनके कार्यकर्ताओं पर हुए हैं।
टीएमसी ने पलटवार किया। पार्टी का कहना है कि सुवेंदु की भड़काऊ स्पीच ही हिंसा को जन्म देती है। एक मंत्री ने इसे भाजपा का ड्रामा बताया। लेकिन विपक्ष का गुस्सा ठंडा पड़ने वाला नहीं। राष्ट्रीय नेताओं ने भी बंगाल में अराजकता का मुद्दा उठाया।
रात होते ही नंदीग्राम में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया गया। कई कार्यकर्ता हिरासत में। आने वाले दिनों में आंदोलन तेज होगा। विधानसभा चुनावों से पहले यह घटना दोनों दलों के लिए अहम साबित हो सकती है। बंगाल का सियासी रणक्षेत्र अब और गरमाया है।
