
नई दिल्ली में राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ रहा है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि डील की जानकारी सरकारी सूत्रों से नहीं, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से मिली। विपक्ष संसद में विस्तृत बहस की मांग कर रहा है।
इसके जवाब में भाजपा सांसदों ने विपक्ष को हंगामेबाज करार दिया। सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि विपक्ष को तो सिर्फ शोर मचाना आता है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दोनों सदनों में साफ कर दिया कि कृषि और डेयरी क्षेत्र में कोई समझौता नहीं होगा। एमएसएमई को अपार लाभ मिलेगा, लेकिन विपक्ष भ्रम फैलाने में लगा है। ऐसी राजनीति देश के लिए घातक है।
खंडेलवाल ने आगे कहा कि विपक्ष बहस से भाग रहा है। सदन में उनका व्यवहार मर्यादाओं का उल्लंघन है। वे संसद को महत्व नहीं देते, बल्कि बाहर नाटक करना पसंद करते हैं। जनता सब देख रही है, इसलिए उनकी प्रासंगिकता घट रही है।
सांसद किरण चौधरी ने विपक्षी नेता के पद की गरिमा पर जोर दिया। जनता उनसे बड़ी उम्मीदें रखती है, लेकिन वे फालतू मुद्दे उठाते हैं। कौन कहता है उन्हें बोलने नहीं दिया गया? उनकी बातें ही बेमानी हैं।
अरुण सिंह ने विपक्ष की हारों को जिम्मेदार ठहराया। राहुल गांधी बिना आधार के विवाद खड़े करते हैं। निशिकांत दुबे ने राहुल के कपड़ों पर तंज कसा, उनकी परंपरा से दूरी बताई।
यह विवाद संसदीय सत्रों के दौरान और तेज होने के संकेत दे रहा है।