
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में जेईई मेन परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार ने केंद्र सरकार से परीक्षा स्थगित करने की तत्काल मांग की है। चक्रवात रेमल के कहर से प्रभावित राज्य में बिजली गुल, इंटरनेट ठप और यातायात बाधित होने से लाखों अभ्यर्थी परेशान हैं।
बालुरघाट से भाजपा सांसद मजूमदार ने पत्रकार वार्ता में कहा, ‘यह परीक्षा विद्यार्थियों का भविष्य तय करती है। लेकिन वर्तमान हालातों में निष्पक्ष परीक्षा संभव नहीं। कम से कम दो सप्ताह का स्थगन जरूरी है।’ उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की अपील की है।
राज्य भर में कोलकाता, सिलिगुड़ी, दुर्गापुर जैसे शहरों में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। छात्र संगठनों का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने राहत कार्यों में शिक्षा को उपेक्षित किया। एनटीए ने परीक्षा अप्रैल के आखिर में निर्धारित की है, लेकिन तैयारी प्रभावित हो गई।
पिछले साल बाढ़ के दौरान भी ऐसी मांगें उठी थीं, लेकिन परीक्षा हुई। मजूमदार ने चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी न हुई तो संसद में मुद्दा उठाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्रीय आपदाओं में परीक्षा नीतियों में लचीलापन जरूरी।
छात्र नेता राहुल शर्मा ने कहा, ‘हमने पढ़ाई के बहुमूल्य दिन खो दिए। स्थगन ही एकमात्र समाधान।’ एनटीए पर दबाव बढ़ रहा है। यदि फैसला छात्रहित में आया तो यह भविष्य के लिए मिसाल बनेगा। पश्चिम बंगाल के युवाओं की नजर दिल्ली पर टिकी है।
