
अयोध्या में हालिया फैसले से प्रेरित होकर भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह ने देश के सभी मंदिरों के आसपास मांस और शराब की दुकानों पर बैन लगाने की जोरदार मांग उठाई है। उत्तर प्रदेश सरकार के उस आदेश ने जन्मभूमि स्थल के 500 मीटर के दायरे में ऐसी दुकानों को हटाने का निर्देश दिया, जिसके बाद 50 से अधिक प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं।
गोरखपुर से सांसद सिंह ने सार्वजनिक सभा में कहा, ‘मंदिर पूजा-भक्ति के पवित्र स्थल हैं। इनके पास मांस-मदिरा की बिक्री करोड़ों भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है।’ उन्होंने सभी राज्यों से एकसमान नीति अपनाने की अपील की।
यह मांग भाजपा की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की विचारधारा से मेल खाती है। अयोध्या मॉडल ने नई मिसाल कायम की है, जहां व्यापारियों को वैकल्पिक स्थान देने का वादा किया गया। समर्थक इसे धार्मिक संरक्षण का कदम मानते हैं, जबकि विरोधी आजीविका पर असर की बात करते हैं।
देश में लाखों मंदिर हैं। यदि यह लागू हुआ तो शहरी परिदृश्य बदल जाएगा। सांसद ने आश्वासन दिया कि आर्थिक हानि न्यूनतम होगी। आगामी चुनावों के मद्देनजर यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है।
विपक्ष सवाल उठा रहा है, लेकिन भक्तगण इसका स्वागत कर रहे हैं। केंद्र सरकार की नजर है—राष्ट्रीय दिशानिर्देश बन सकता है। यह कदम प्राचीन परंपराओं को आधुनिक संरक्षण देगा।