
पंजाब में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर पार्टी ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। मिश्रा ने सोशल मीडिया पर पंजाब की आप सरकार को जमकर ललकारा और इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया।
मोहाली थाने में दर्ज इस एफआईआर का कारण मिश्रा के हालिया बयान हैं, जिन्हें आप नेताओं ने भड़काऊ बताते हुए शिकायत दर्ज कराई। मिश्रा ने कहा, ‘आप और कांग्रेस का गठजोड़ चुनाव से पहले भाजपा की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है। पंजाब में नशा, बेरोजगारी और खालिस्तानी तत्वों पर कार्रवाई क्यों नहीं?’ उन्होंने समर्थकों से सड़क पर उतरने का आह्वान किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने चेतावनी दी कि एफआईआर वापस न हुई तो全省 में आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
कानूनी जानकारों का मत है कि यह मामला आईपीसी की धारा 153ए के तहत आता है, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर विवादास्पद हो सकता है। पुलिस ने अभी जांच की कोई जानकारी नहीं दी।
पंजाब की सियासत में यह नया मोड़ AAP के लिए मुसीबत बन सकता है। किसान आंदोलन, सिख-हिंदू समीकरण के बीच भाजपा इसे हिंदू वोटों को एकजुट करने का मौका मान रही है। मिश्रा ने कहा, ‘अदालत और सड़क पर लड़ेंगे, सच्चाई जीतेगी।’