
झारखंड के सिमडेगा जिले के जलडेगा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है। भाजपा के प्रखंड महामंत्री और सामाजिक कार्यकर्ता रामेश्वर सिंह की इलाज के अभाव में मौत हो गई, जिसके बाद गुरुवार को स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए समर्थकों ने जलडेगा बंद का ऐलान किया और मुख्य सड़कों को जाम कर दिया।
दो दिन पहले एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत जलडेगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन वहां न तो कोई चिकित्सक था और न ही आपातकालीन सुविधाएं चालू थीं। परिजनों का आरोप है कि स्टाफ की उदासीनता के कारण समय पर उपचार नहीं मिल सका। बाद में उन्हें सिमडेगा सदर अस्पताल भेजा गया, जहां से रेफर कर दिया गया। दूसरे अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने दुकानों को बंद करा दिया और जगह-जगह धरना देना शुरू कर दिया। स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी तेज हो गई। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से पुलिस फोर्स तैनात की है और बातचीत का प्रयास कर रहा है, लेकिन आंदोलनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं। यह घटना ग्रामीण झारखंड में चिकित्सा सुविधाओं की बदहाली को उजागर करती है, जहां जानें स्टाफ की अनुपस्थिति के चलते खतरे में पड़ जाती हैं।