
मुंबई महानगर में विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा ने बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने अपने 26 कार्यकर्ताओं को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। यह कदम बीएमसी चुनावों के मद्देनजर पार्टी की आंतरिक सफाई का हिस्सा है, जिससे संगठन को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, निष्कासित कार्यकर्ता एंटी-पार्टी गतिविधियों, अनुशासनहीनता और नेतृत्व के निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोपियों में शुमार हैं। कई महीनों से इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इन लोगों ने महत्वपूर्ण वार्डों में गुटबाजी फैला रखी थी, जो पार्टी की जीत में बाधा बन सकती थी।
बीएमसी, जो दुनिया के सबसे अमीर नगर निगमों में से एक है, पर भाजपा का कब्जा 2022 से है। लेकिन सड़कों पर गड्ढे, पानी की किल्लत और कचरा प्रबंधन जैसी समस्याओं से जनता में असंतोष बढ़ा है। इस निष्कासन से पार्टी उम्मीद कर रही है कि आंतरिक कलह खत्म होकर एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी।
विपक्षी दलों ने इसे भाजपा की हताशा का परिचायक बताया है। शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि अपने ही कार्यकर्ताओं को निकालना ताकत नहीं, कमजोरी दिखाता है। वहीं भाजपा समर्थक इसे अनिवार्य कदम मान रहे हैं।
चुनाव नजदीक आते ही मुंबई के 227 वार्डों में जोरदार प्रचार की उम्मीद है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह कदम पार्टी की ताकत बढ़ाता है या विपक्ष को मौका देता है।
