
पश्चिम बंगाल के फरक्का में बीडीओ कार्यालय पर हुई हिंसक घटना ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। भाजपा ने राज्य सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए केंद्रीय बलों से विशेष जांच रिपोर्ट (SIR) की मांग की है।
रविवार को स्थानीय ग्रामीणों का एक समूह कार्यालय में घुस आया। पथराव, तोड़फोड़ और झड़पों से कई कर्मचारी घायल हो गए। सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुरक्षा बलों को भारी पड़ गया था।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर हमला बोला। ‘ममता बनर्जी की सरकार में कानून-व्यवस्था नाममात्र की है। केंद्रीय बलों से ही सच्चाई सामने आएगी।’ उन्होंने कहा।
फरक्का क्षेत्र बाढ़ प्रभावित है। राहत कार्यों में देरी से लोगों में आक्रोश भड़का। विपक्ष का कहना है कि यह प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।
टीएमसी नेताओं ने इसके लिए भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों को जिम्मेदार ठहराया। ‘हम विकास के काम तेज करेंगे, ऐसी साजिशें विफल होंगी।’ एक नेता ने कहा।
घटना के वीडियो वायरल हो चुके हैं। स्थानीय लोग शांति की अपील कर रहे हैं। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है, लेकिन सियासी बयानबाजी जारी है।
केंद्रीय हस्तक्षेप की यह मांग राज्य-केंद्र संबंधों को नई चुनौती दे सकती है। फरक्का की घटना पूरे बंगाल के लिए सबक है।
