
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सियासी जंग तेज हो गई है। भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 72 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है। पार्टी का कहना है कि कोयला तस्करी के आरोपों को साबित करें, नहीं तो मानहानि का केस लड़ना पड़ेगा।
राज्य भाजपा अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुला ऐलान किया। उन्होंने कहा, ‘ममता दीदी को सबूत पेश करने हैं। अगर आरोप बेबुनियाद हैं, तो कोर्ट में जवाब देंगी।’ यह बयान तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के गंभीर इल्जामों के बीच आया है।
कोयला तस्करी का मामला बीरभूम और पश्चिम बर्धमान जैसे जिलों में फैला हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी में ट्रकों से भारी मात्रा में कोयला जब्त हुआ। भाजपा का दावा है कि टीएमसी के स्थानीय नेता इसमें लिप्त हैं। ममता ने इसके जवाब में भाजपा कार्यकर्ताओं को तस्कर बताया था।
यह विवाद नगर निगम चुनावों से ठीक पहले भड़का है। भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम बता रही है। टीएमसी ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया, लेकिन सबूत पेश करने का समय नहीं बताया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव दोनों दलों की सियासी ताकत को परखेगा। कोयला काला बाजार में तीन गुना दाम पर बिक रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था चरमरा रही। अगर ममता सबूत नहीं दे पाईं, तो कानूनी लड़ाई लंबी खिंच सकती है।
बंगाल की सियासत में कोयला अब महाभारत का केंद्र बन गया है। 72 घंटे बाद क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।