
मकर संक्रांति का पावन पर्व आते ही देशभर में भक्तों में उत्साह की लहर दौड़ जाती है। बिहार के देवघर जिले में स्थित प्राचीन देव सूर्य मंदिर इस अवसर पर विशेष महत्व रखता है। यहां के सूर्य कुंड में स्नान करने से सारे पाप मिट जाते हैं, ऐसा अटल विश्वास है।
यह मंदिर सूर्य देव को समर्पित है और सदियों पुराना इतिहास लिए हुए है। किंवदंतियों के अनुसार, स्वयं भगवान सूर्य ने इस कुंड को पापहरण करने की शक्ति प्रदान की। संक्रांति के दिन जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तब कुंड का जल चमत्कारी हो जाता है।
भोर होते ही मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई देने लगती है। भक्त पीले वस्त्र धारण कर कुंड में तीन बार स्नान करते हैं। स्नान के बाद तिलगुड़ का प्रसाद वितरित होता है। कई भक्तों ने अनुभव साझा किया कि इस स्नान से उनकी जिंदगी बदल गई—रोग दूर हुए, पारिवारिक कलह समाप्त हो गए।
सूर्य कुंड का जल प्राकृतिक झरनों से संचालित है, जो वर्ष भर एकसमान रहता है। वैज्ञानिक अध्ययनों में भी इसके खनिज गुणों की पुष्टि हुई है। मंदिर की भव्य वास्तुकला—स्वर्णिम शिखर और सूर्य चित्रण—देखने योग्य है।
इस मकर संक्रांति देव सूर्य मंदिर आएं और नई शुरुआत करें। भीड़ से बचने के लिए पूर्व योजनाबद्ध यात्रा करें। पाप मुक्ति का यह अवसर हाथ से न जाने दें।