
बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कभी जेडीयू के प्रमुख नेता रहे आरसीपी सिंह ने वसंत पंचमी के दिन अपनी पार्टी में वापसी की अटकलों को हवा दे दी। पटेल छात्रावास में प्रतिमा स्थापना समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपने ‘पुराने घर’ का जिक्र कर सबको चौंका दिया।
जेडीयू नेताओं के स्वागत बयानों पर सिंह ने मां सरस्वती का सहारा लिया। ‘आज उनका दिन है, शुभ बोलें। इतिहास में देखा है कि उनकी कृपा से सब बदल जाता है।’ उन्होंने तीखी बातों को भी मधुर बनाने की नसीहत दी।
नीतीश कुमार से अपने लंबे साथ का खुलासा करते हुए सिंह ने कहा, ’25 साल से जुड़े हैं। 40 साल की उम्र में मिले और 65 तक साथ रहे। उनका काम करने का अंदाज हमेशा जमीनी हकीकत पर केंद्रित रहा।’ समृद्धि यात्रा को सराहते हुए बोले कि इससे सीधी जानकारी मिलती है, जो नीतियां बनाने में कारगर साबित होती है।
‘नीतीश जी के नेतृत्व में बिहार में शानदार प्रगति हो रही है।’ समर्थक हो या शुभचिंतक, सब बिहार के भले के लिए। विज्ञान कॉलेज के पूर्व छात्र होने की समानता का जिक्र किया—नीतीश 60 के दशक में, वे 70 के, प्रशांत किशोर 80 के और निशांत 90 के। प्रशांत ने तो नीतीश के घर सालभर रहकर 2015 का चुनाव लड़ा।
जन सुराज के जेडीयू में विलय पर अभी बात करना जल्दबाजी बताया। बिहार की समृद्धि के लिए सभी का एकजुट होना जरूरी है।