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राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा: इंडिया गठबंधन की एकता का प्रदर्शन

बिहार विधानसभा चुनावों से पहले, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाल रहे हैं, जिसका उद्देश्य SIR (संदिग्ध मतदान रिपोर्ट) और वोट चोरी के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। इस यात्रा...

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Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|बिहार|
August 26, 2025
राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा: इंडिया गठबंधन की एकता का प्रदर्शन
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बिहार विधानसभा चुनावों से पहले, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाल रहे हैं, जिसका उद्देश्य SIR (संदिग्ध मतदान रिपोर्ट) और वोट चोरी के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। इस यात्रा में इंडिया गठबंधन के प्रमुख नेता राहुल गांधी के साथ शामिल हो रहे हैं। 17 अगस्त को सासाराम से शुरू होकर, यह 16 दिवसीय यात्रा 1 सितंबर को पटना में एक बड़ी रैली के साथ समाप्त होगी, जिसमें विपक्षी एकता का प्रदर्शन किया जाएगा। इस रैली में इंडिया गठबंधन के महत्वपूर्ण नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

राहुल गांधी की यह तीसरी यात्रा है, इससे पहले उन्होंने 'भारत जोड़ो यात्रा' और 'भारत जोड़ो यात्रा-2' की थी, लेकिन पिछली यात्राओं में विपक्षी नेताओं की उपस्थिति कम थी, जबकि इस यात्रा में इंडिया गठबंधन के नेता भी शामिल हो रहे हैं।

यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने गयाजी, शेखपुरा, नवादा, कटिहार, पूर्णिया, लखीसराय, मुंगेर, मधुबनी और दरभंगा जिलों का दौरा किया है। यह यात्रा सारण, भोजपुर, सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण और पटना जिलों से भी गुजरेगी।

लोकसभा चुनावों के बाद, SIR के मुद्दे पर एकजुट हुए इंडिया गठबंधन के घटक दल के नेता अब राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान बिहार में एकजुट हो रहे हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव, भाकपा माले के नेता दीपंकर भट्टाचार्य, वीआईपी के नेता मुकेश सहनी सहित बिहार में महागठबंधन के घटक दलों के नेता राहुल गांधी के साथ यात्रा में शामिल हो रहे हैं। इस यात्रा ने नाराज पप्पू यादव को तेजस्वी यादव के साथ लाया है, और मुकेश सहनी के मनमुटाव भी कम हो रहे हैं।

तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन भी यात्रा में शामिल हो चुके हैं, जो अगले साल तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी यात्रा में शामिल होंगे। इस यात्रा में अन्य घटक दलों के नेताओं की भागीदारी इंडिया ब्लॉक के बीच गहरे सहयोग का संकेत दे रही है, जिससे बिहार में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की उम्मीद है।

राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव की संयुक्त उपस्थिति विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष के अभियान को गति प्रदान करेगी। इस गठबंधन का उद्देश्य चुनावी ईमानदारी और मतदाता समावेशन का समर्थन करना और चुनाव आयोग द्वारा SIR की प्रक्रिया को चुनौती देना है।

विपक्षी गठबंधन के नेता पहले दिल्ली और रांची में विरोध रैलियों में एक साथ आए थे। अब राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान गठबंधन के शीर्ष नेता फिर से एक मंच पर आ रहे हैं। इंडिया गठबंधन में वे पार्टियाँ भी शामिल हैं जो एक-दूसरे की प्रतिद्वंद्वी हैं।

केरल में, कांग्रेस का मुकाबला वाम दलों से होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का मुकाबला कांग्रेस और वामपंथी दलों से होगा। हालांकि, गठबंधन में 'चुनावी कदाचार' और बिहार में एसआईआर के मुद्दे पर सहमति बनती दिख रही है, जिससे वे साथ हैं।

राहुल गांधी द्वारा आयोजित रात्रिभोज में टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी और उनके बीच गर्मजोशी देखी गई थी। टीएमसी ने हमेशा खुद और अन्य दलों के बीच अंतर पर जोर दिया है। राहुल गांधी ने अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी को 1 सितंबर की पटना रैली के लिए आमंत्रित किया है, जिससे टीएमसी और कांग्रेस के बीच की दूरी कम हो सकती है।

राष्ट्रीय स्तर पर तृणमूल कांग्रेस इंडिया गठबंधन के साथ होने के बावजूद पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ती रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस की एकता बनी रहेगी।

कांग्रेस इंडिया गठबंधन को जीवित रखने में विफल रही है, लेकिन राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा ने फिर से इंडिया गठबंधन को एकजुट करने का काम किया है। यह एकजुटता उपराष्ट्रपति चुनाव के अवसर पर भी दिखी, जहाँ विपक्षी पार्टियों ने एनडीए के उम्मीदवार के खिलाफ अपना उम्मीदवार उतारा। हालांकि एनडीए की जीत तय है, लेकिन इस कदम ने भविष्य की राजनीति का संकेत दिया।

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