
पूर्णिया मेडिकल कॉलेज से दिल दहला देने वाली खबर आई है, जहां नौ दिनों से भर्ती एक टीबी पीड़ित महिला के दो मासूम बच्चे दिनदहाड़े चोरी हो गए। गुड़िया देवी, जो बोलने और चलने की हालत में नहीं है, सोमवार शाम अपने चार साल के बेटे शिवम और तीन साल की बेटी लक्ष्मी से हमेशा के लिए हाथ धो बैठीं। पीली साड़ी पहने दो महिलाओं ने बिस्किट दिलाने के बहाने बच्चों को बाहर बुलाया और फरार हो गईं।
गुड़िया कटिहार के मिरचैबाड़ी की रहने वाली हैं। पति रामजी दास की टीबी से मौत के बाद ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया। पूर्णिया के लाइन बाजार नया टोला में किराए के मकान में रहकर छोटे-मोटे काम किए, लेकिन खुद को टीबी लगने पर कमजोर हो गईं। मकान मालिक ने बकाया न देने पर बेदखल कर दिया। फुटपाथ पर भीख मांगकर बच्चों का पालन-पोषण चला रही थीं। एक दिन बेहोशी से गिर पड़ीं, तो लोगों ने एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
बड़ी बेटी शिवानी ने बताया कि आरोपी महिलाएं पहले से अस्पताल आती-जाती थीं। नजदीकी मरीजों से बातचीत कर परिचय बना चुकी थीं। पहले 210 रुपये तक दिए थे। सीसीटीवी में दोनों बच्चे हाथ पकड़े भागते हुए कैद हुए। फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी, के हाट समेत थानों की पुलिस रास्तों के फुटेज खंगाल रही है। भीड़भाड़ वाले अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। बेबस मां की आंखों से आंसू बह रहे हैं, पुलिस जल्द बच्चों को बरामद करने का भरोसा दे रही है।