
पटना के चर्चित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही एक नाबालिग छात्रा की रहस्यमयी मौत ने अब नया मोड़ ले लिया है। विशेष जांच दल ने कोर्ट की मंजूरी से इस मामले को पोक्सो एक्ट के दायरे में ला दिया है। पीड़िता के नाबालिग होने और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर यह सख्त कदम उठाया गया।
जहानाबाद निवासी यह छात्रा मुन्नाचक के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। अचानक बेहोश पाई गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। जांच में उसके इनरवियर पर संदिग्ध वीर्य के निशान मिले, जो 18-21 साल के युवक से जुड़े हो सकते हैं।
जांच तेज करते हुए एसआईटी ने 15 लोगों के डीएनए सैंपल फॉरेंसिक लैब भेज दिए हैं। ये वे लोग हैं जो घटना से ठीक पहले या बाद में पीड़िता के संपर्क में आए। रिपोर्ट से दोषियों की पहचान तय होगी।
मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव संसद भवन में बैनर लेकर सीबीआई जांच की मांग को लेकर धरने पर उतरे। उन्होंने स्थानीय जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े लोगों को बचाने की साजिश न हो।
राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी अब पोक्सो के बाद और सतर्क हो गई है। सभी की निगाहें फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस दर्दनाक घटना का सच उजागर कर सकती हैं। छात्रावासों में सुरक्षा के सवाल अब जोर पकड़ रहे हैं।