
बिहार के मुजफ्फरपुर शहर से एक ऐसी घटना सामने आई है जो इंसानियत को शर्मसार कर रही है। मिठनपुरा चौक पर एक मां द्वारा अपनी स्कूली बेटी के साथ की गई बेरहमी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने लोगों के गुस्से को भड़का दिया है।
वीडियो में स्कूल ड्रेस पहने मासूम लड़की भारी-भरकम बैग लादे सड़क पर ठोकरें खाती नजर आ रही है। बोझ इतना ज्यादा कि वह बार-बार गिरने को हो जाती है और रोने लगती है। राहगीरों ने संदेह होने पर बैग चेक किया तो अंदर किताबों के अलावा चार ईंटें भरी मिलीं। यह देखकर सब दंग रह गए।
लड़की के पास चल रही महिला उसकी मां है, जो उसे लगातार डांट रही है, गालियां दे रही है और थप्पड़ जमा रही है। लोगों के विरोध पर उसने कहा, ‘मेरी बेटी है, जो मन करे करूं, जिसे फोन करना हो कर लो।’ भीड़ बढ़ने पर उसने बीच सड़क बच्ची को जोरदार थप्पड़ मारा और गाल पकड़कर घसीटा।
सड़क पर हंगामा मच गया। कुछ लोग समझा रहे थे, तो कुछ बच्ची को सांत्वना दे रहे थे। मां से सजा का कारण पूछा तो बोली, ‘यही इलाज है।’ विवाद बढ़ा तो वह बच्ची को खींचते हुए फरार हो गई।
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर हाहाकार मच गया। लोग इसे खुला बाल अत्याचार बता रहे हैं और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सार्वजनिक जगह पर मासूम से मारपीट कैसे बर्दाश्त?
यह केस सिर्फ एक परिवार की नहीं, समाज के लिए警钟 है। अनुशासन और हिंसा में फर्क समझना जरूरी। अब देखना है प्रशासन बच्ची की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करता है, जांच कराकर दोषी को सजा देता है। बच्चों का बोझ जिम्मेदारी का हो, पत्थरों का नहीं।