
बिहार के पश्चिम चंपारण में रेल यात्रियों की जान पर बनी स्थिति टल गई। कुमारबाग रेलवे स्टेशन के निकट नरकटियागंज-बेतिया रेलखंड पर बगहा-पटलीपुत्र इंटरसिटी एक्सप्रेस अचानक टूटी पटरी से गुजरने लगी। लोको पायलट ने झटके महसूस कर तुरंत ब्रेक लगा दिया, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।
ट्रेन कुमारबाग से बेतिया की ओर प्रस्थान कर चुकी थी। एक-दो कोच निकलते ही पायलट को जोरदार धक्का लगा। संदेह होने पर उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक के जरिए ट्रेन रोक ली। उतरकर जांच की तो पटरी टूटी मिली। सूचना पर रेल अधिकारी और पीडब्ल्यूआई स्टाफ मौके पर पहुंचे।
करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेन खड़ी रही। यात्रियों में हड़कंप मच गया था। इंजीनियरों ने कड़ी मशक्कत कर ट्रैक ठीक किया। फिर ट्रेन को आगे रवाना किया गया। गार्ड ने बताया कि ड्राइवर की तत्परता ने सैकड़ों जिंदगियां बचा लीं।
घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पटरी कैसे टूटी, इसकी जांच तेज हो गई है। क्या यह लापरवाही का नतीजा है या कोई बड़ी साजिश? रेल प्रशासन पूरी तफ्तीश में जुटा हुआ है। यह वाकया रेल यात्रा की जोखिमों को उजागर करता है।