
बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती में एक साधारण लूडो गेम ने खूनी रूप ले लिया। पूर्व सैनिक के बेटे और प्रॉपर्टी डीलर ऋषभ झा की हत्या ने इलाके को हिलाकर रख दिया। पुलिस ने खुलासा किया कि यह वारदात खेल के दौरान भड़के गुस्से से शुरू हुई, लेकिन इसके पीछे गहरी साजिश छिपी थी।
उस दिन ऋषभ अपने साथियों संग लूडो खेल रहा था। मुख्य आरोपी सौरभ साह उर्फ मयंक गुप्ता की अंतिम गोटी बची थी। हार नजदीक देख मजाक में उसने कहा, ‘दोस्त, लास्ट गोटी मत काटना, वरना गोली मार दूंगा।’ लेकिन ऋषभ ने चाल चली और गोटी काट दी।
गुस्से से पागल सौरभ ने तत्काल पिस्टल निकाली और ऋषभ पर फायर कर दिया। गंभीर रूप से जख्मी ऋषभ को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, फिर जेएलएन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां अगली सुबह उसका निधन हो गया।
पुलिस ने 24 घंटे में कमाल दिखाया। सौरभ को अस्पताल से पकड़ा, उसकी निशानदेही पर भानु कुमार उर्फ संजीव शाह, प्रीतम कुमार, राहुल रंजन उर्फ मोनू और दीपक कुमार को रेलवे स्टेशन के पास गिरफ्तार किया। पिस्टल, जिंदा कारतूस, खोखा और मोबाइल जब्त हुए।
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि दोनों प्लॉटिंग के साझेदार थे। सौरभ का ऋषभ के पास पैसा अटका था, जिस पर झगड़ा चल रहा था। लूडो का बहाना बनाकर सौरभ ने साथियों संग हत्या की योजना बनाई। जांच जारी है, पूरे सच का पता लगाया जा रहा है।