
बिहार की सियासत में उपेंद्र कुशवाहा का नया दांव चर्चा में है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख खुद राज्यसभा पहुंचना चाहते हैं, तो बेटे दीपक प्रकाश को एमएलसी बनवाना चाहते हैं। सोमवार रात दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से उनकी अहम बैठक हुई। शाह के आवास पर चली इस चर्चा में राज्यसभा चुनाव प्रमुख मुद्दा रहा।
कुशवाहा अपनी पार्टी के सिंबल पर ही राज्यसभा लड़ना चाहते हैं। विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बेटे के एमएलसी टिकट का वादा किया था। उनकी पार्टी के महज चार विधायक हैं, लेकिन कुशवाहा समाज पर उनका अच्छा असर है। बिहार बीजेपी के एक बड़े नेता ने विलय का प्रस्ताव दिया था, जिससे उन्हें दोबारा राज्यसभा का रास्ता साफ हो सकता है। साथ ही पार्टी के नाराज विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
बीजेपी को फायदा साफ है। विधानसभा में उसकी संख्या 89 से बढ़कर 93 हो जाएगी और राज्यसभा में भी मजबूती आएगी। कुशवाहा को केंद्र में मंत्री पद भी मिल सकता है। अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन चुनाव के बाद विलय की संभावना जताई जा रही है।
यह घटनाक्रम एनडीए में गठबंधन की मजबूती को परखेगा। कुशवाहा का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। क्या बीजेपी उनकी ख्वाहिश पूरी करेगी, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। बिहार की सत्ता संतुलन पर असर पड़ सकता है।