
बिहार विधानसभा में बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर के लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव पर धृतराष्ट्र-दुर्योधन वाली टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में हंगामा मचा दिया है। आरजेडी के समर्थक और भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने इसे कम उम्र में मिली सफलता का नतीजा बताया है।
पटना में पत्रकारों से बातचीत में खेसारी ने कहा कि युवावस्था में अचानक सफलता मिलने पर लोग कभी-कभी ऐसी बेपरवाह बातें कर बैठते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीति में पढ़े-लिखे लोगों की जरूरत है। गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल पूरी तरह गलत है। जनता ने आपको सेवा के लिए चुना है, न कि किसी को नीचा दिखाने के लिए।
आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने भी सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने लिखा कि कुछ लोग विधायक बनते ही राजनीति के ककहरा भी न पढ़े पॉलिटिक्स सिखाने लगते हैं। उन्होंने मैथिली के निर्वाचन क्षेत्र दरभंगा में दलित लड़की के बलात्कार और हत्या पर उनकी चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
मैथिली ने अपने भाषण में 2005 से पहले के बिहार का जिक्र कर आरजेडी पर निशाना साधा था, हालांकि नाम नहीं लिए। यह विवाद बिहार की सियासत में नई पीढ़ी और पुराने दिग्गजों के बीच टकराव को उजागर कर रहा है। आगामी दिनों में और बहस की उम्मीद है।