
बिहार के दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में स्थित लोरिका गांव में होली का त्योहार खूनखराबे में बदल गया। रंग खेलने के बहाने शुरू हुई कहासुनी दो गुटों के बीच जातीय तनाव में तब्दील हो गई। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया और 112 पुलिस वाहन पर हमला बोल दिया गया। इस हिंसा में एक महिला कांस्टेबल समेत 12 से अधिक लोग घायल हो गए।
घटना भरुल्ली पंचायत के वार्ड नंबर 09 की है। सहनी टोला के अमरजीत सहनी ने चौपाल टोला के अनिल चौपाल को अपने घर होली खेलने बुलाया था। लेकिन जैसे ही अमरजीत वहां पहुंचे, जातिसूचक शब्दों पर विवाद भड़क उठा। कथित तौर पर सरसों के तेल की खाली टीन से हमला किया गया। दोनों टोलों के बीच की दूरी महज 150 मीटर है, फिर भी मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
चौपाल समुदाय के लोगों ने डायल 112 पर कॉल की। मौके पर पहुंची टीम पर पथराव कर वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। महिला पुलिसकर्मी को चोटें आईं। सूचना पर सिंहवाड़ा, सिमरी, कमतौल और जाले थानों की फोर्स पहुंची। कमतौल एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन और बीडीओ विक्रम भाष्कर ने स्थलीय जांच की।
पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपी फरार हैं, जिनके घरों पर ताले लटक रहे हैं। छापेमारी जारी है। एसडीपीओ सुमन ने कहा कि जांच चल रही है, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। गांव में तनाव है लेकिन नियंत्रण में। शांति की अपील की गई है और पुलिस कैंप कर रही है।
यह घटना ग्रामीण बिहार में छिपे जातीय भेदभाव को उजागर करती है। होली के रंगों में डूबे पर्व पर हिंसा का कलंक लग गया।