
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक बिहारी प्रवासी परिवार के साथ हुई दिल दहला देने वाली वारदात ने देश को स्तब्ध कर दिया है। नालंदा के गौरव कुमार, उनकी पत्नी मीनू और दो साल के बेटे की निर्मम हत्या के पीछे यौन शोषण का प्रयास और पति का विरोध है। तीन आरोपी प्रवासी मजदूरों ने नशे की धुन में इस हादसे को अंजाम दिया।
रोजगार की आस में चेन्नई पहुंचे गौरव 25 जनवरी की रात साथी मजदूरों संग शराब पी रहे थे। इसी बीच नशेड़ियों ने मीनू पर बुरी नीयत दिखाई। पत्नी को बचाने उतरे गौरव पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी।
गवाहों को खत्म करने की नियत से हत्यारों ने मीनू और मासूम बेटे बिरमानी को भी मार डाला। शव छिपाने की चालाकी की। 26 जनवरी को अड्यार में गौरव का शव बोरी में बरामद होने से पुलिस सतर्क हो गई।
गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया। उनकी निशानदेही पर बुधवार को बकिंघम नहर से बच्चे का शव निकाला। मीनू का शव इंदिरा नगर के कूड़ेदान में बताया। टीमें छानबीन में लगी हैं।
इस कांड ने तमिलनाडु में सियासत गरमा दी। एआईएडीएमके-बीजेपी ने डीएमके पर कानून-व्यवस्था को कोसा। कनिमोझी ने न्याय का वादा किया। नालंदा में परिजन विपदा में डूबे।