
प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर शनिवार शाम को भारी हंगामा मच गया। हाथों में लाठियां और भगवा झंडे लहराते कुछ असामाजिक तत्वों ने जबरन घुसपैठ की कोशिश की, जिससे वहां टकराव हो गया। यह घटना शंकराचार्य और प्रशासन के बीच चल रहे विवाद की आग को और भड़का रही है।
कल्पवासी थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, शाम 6:30 से 7:30 बजे के बीच पहुंचे युवकों ने ‘आई लव बुलडोजर बाबा’ के नारे लगाए और उपद्रव मचाने की ठानी। शिविर के सेवकों ने उन्हें खदेड़ा, लेकिन हाथापाई हो गई। स्वामी जी ने खतरे की घंटी बजाई है।
तहरीर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपनी जान, श्रद्धालुओं और शिविर संपत्ति को खतरा बताया। उन्होंने आरोपी युवकों पर एफआईआर, शिविर के आसपास भारी सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। अगर आगे कोई हादसा हुआ तो मेला प्रशासन और पुलिस जिम्मेदार होंगे, ऐसा चेतावनी दी गई।
त्रिवेणी मार्ग उत्तरी पटरी, सेक्टर चार में स्थित शिविर मौनी अमावस्या स्नान के दौरान पालकी रोकने से विवादित हो गया। सातवें दिन धरने पर बैठे स्वामी जी अब वैनिटी वैन में हैं। मेला लाखों भक्तों से गुलजार है, ऐसे में सुरक्षा चाक-चौबंद होनी चाहिए।
यह घटना मेले की शांति को चुनौती दे रही है। श्रद्धालु प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं, ताकि धार्मिक आयोजन निर्बाध चले।