
भागलपुर के सत्यम मिश्रा ने शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ते हुए विश्व प्रसिद्ध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का फिलिस थेयर स्ट्रीमलाइन अवार्ड हासिल कर लिया है। 2000 से चल रहे इस सम्मान को पाने वाले वह पहले भारतीय हैं, जो बिहार के इस युवा की मेहनत का जीता-जागता प्रमाण है।
महिलाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा प्रसार में उनके योगदान ने उन्हें वैश्विक पटल पर पहचान दिलाई। हार्वर्ड ने न केवल अवार्ड दिया, बल्कि डिग्री व स्कॉलरशिप भी प्रदान की। इससे पूर्व 2021 में ग्लोबल टीचर प्राइज और फुलब्राइट स्कॉलरशिप से नवाजे जा चुके सत्यम का सफर प्रेरणादायक है।
उन्होंने भारत के अलावा नाइजीरिया, इथियोपिया, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, लेबनान, जर्मनी सहित 20 से ज्यादा देशों के छात्रों को पढ़ाया है। सीमाओं को लांघती उनकी शिक्षा यात्रा ने भारतीय प्रतिभा को विश्व पटल पर चमकाया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मित्र रविकांत मिश्रा के पुत्र सत्यम की इस सफलता पर भागलपुर में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने कहा, यह उपलब्धि पूरे बिहार व भारत के लिए गौरव का विषय है। सत्यम युवाओं के लिए बदलाव का प्रतीक बन चुके हैं।