
बिहार में पिछड़े प्रखंडों के उत्थान के लिए आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम (ABP) पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला पटना में आयोजित हुई। आकांक्षी जिला कार्यक्रम की सफलता से प्रेरित होकर केंद्र सरकार ने 7 जनवरी 2023 को यह योजना शुरू की, जिसका लक्ष्य सबसे कम विकसित प्रखंडों में बेहतर शासन और जीवन स्तर सुनिश्चित करना है।
23 फरवरी 2026 को अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय के सभागार में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी की अध्यक्षता में हुई इस कार्यशाला में योजना निर्माण क्षमता मजबूत करने, डेटा आधारित निगरानी बढ़ाने और प्रखंड स्तरीय रणनीतियों में सुधार पर जोर दिया गया। बिहार की योजनाओं का अभिसरण, क्षमता निर्माण और प्रतिस्पर्धा के सिद्धांतों पर आधारित यह कार्यक्रम 27 जिलों के 61 प्रखंडों में चल रहा है।
ADP के तहत जिलों को अब तक 280.26 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि ABP में 6 जिलों के 16 प्रखंडों को प्रदर्शन आधारित 20.50 करोड़ का प्रोत्साहन मिला है। राज्य परिणाम आधारित विकास के प्रति कटिबद्ध है।
कार्यक्रम की 100% सफलता के लिए ‘ब्लॉक सेचुरेशन स्ट्रैटेजी’ तैयार की गई है, जो सेवाओं का अंतिम छोर तक वितरण, रीयल टाइम मॉनिटरिंग और योजनाओं के अभिसरण पर केंद्रित है।
योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, राज्य परिवर्तन प्रकोष्ठ के विशेषज्ञ और अन्य विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों में नियमित अनुश्रवण, धनराशि का 100% व्यय अभियान के रूप में और 15 मार्च 2026 तक उपयोगिता प्रमाण-पत्र भेजने के निर्देश दिए। यह कदम प्रखंड स्तर पर विकास की नई गति सृजित करेगा।