
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा के साथ हुई बर्बरता ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है। इसके बाद राज्य के सभी निजी व सरकारी गर्ल्स हॉस्टलों पर शिकंजा कसने की कवायद शुरू हो गई है। एडवोकेट जनरल बिहार ने मुख्य सचिव, डीजीपी व सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नौ प्रमंडलों के आयुक्तों ने जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी कर दिए। पूर्णिया के आयुक्त राजेश कुमार ने बताया कि पूर्णिया, कटिहार, अररिया व किशनगंज के अफसरों को 15 दिनों में सभी छात्रावासों, महिला गृहों व बालिका हॉस्टलों की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। महिला दंडाधिकारी के नेतृत्व में महिला पुलिसकर्मी व अन्य स्टाफ मिलकर सर्वे करेंगे।
हाईकोर्ट में दायर याचिका पर एडवोकेट जनरल कार्यालय ने यह कदम उठाया। जांच में सुरक्षा व्यवस्था, रहने वाली छात्राओं का सत्यापन, संचालकों का बैकग्राउंड चेक व पंजीकरण की पड़ताल होगी। उल्लंघन पर एफआईआर दर्ज होगी।
पूर्णिया में कॉलेज रोड व फ्लावर मिल रोड के हॉस्टलों से पहले संदिग्ध लाशें मिल चुकी हैं, लेकिन मामले दबा दिए गए। इस अभियान से अवैध हॉस्टलों पर अंकुश लगेगा। छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की यह मुहिम स्वागतयोग्य है।