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मोतिहारी में पुलिस मित्र भर्ती घोटाला: 42 युवाओं से लाखों की ठगी

बिहार के मोतिहारी जिले से एक सनसनीखेज ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक शातिर आरोपी ने बेरोजगार युवाओं को पुलिस मित्र की नौकरी का लालच देकर भारी मात्रा में धन ऐंठ लिया। आश्चर्यजनक रूप से यह पूरा खेल...

Lok Shakti
Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|बिहार|
February 3, 2026
मोतिहारी में पुलिस मित्र भर्ती घोटाला: 42 युवाओं से लाखों की ठगी
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बिहार के मोतिहारी जिले से एक सनसनीखेज ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक शातिर आरोपी ने बेरोजगार युवाओं को पुलिस मित्र की नौकरी का लालच देकर भारी मात्रा में धन ऐंठ लिया। आश्चर्यजनक रूप से यह पूरा खेल थाना परिसरों में ही फला-फूला, लेकिन किसी अफसर को कानों-कान खबर न हुई। अब पीड़ितों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।

आरोपी ने खुद को बड़े आदमी के रूप में पेश किया और मोतिहारी व आसपास के क्षेत्रों के 42 युवकों को पुलिस विभाग में 16 हजार मासिक वेतन वाली नौकरी का झांसा दिया। भरोसा दिलाने के लिए उसने डीजीपी के नाम का फर्जी पत्र दिखाया, जिसमें रिसीविंग स्टैंप तक था। फिर युवाओं को थानों में ले जाकर आई-कार्ड पहनाए गए, ताकि उन्हें असली भर्ती का भ्रम हो।

अरेराज महिला थानाध्यक्ष पर भी गंभीर आरोप हैं। उन्होंने रिटायर्ड चौकीदारों के तीन बेटों को इस चक्कर में फंसाया। प्रत्येक से 20-20 हजार रुपये लिए गए, जबकि कुल 60 हजार की मांग थी। शेष रकम वेतन मिलने पर देने को कहा गया। पीड़ितों का कहना है कि थानाध्यक्ष की मौन सहमति इसमें थी।

यह ठगी घोड़ासहन, पलनवा व गोविंदगंज तक फैली। पैसे लेने के बाद महीनों तक वेतन शुरू होने का बहाना बनाया जाता रहा। कभी बैंक पासबुक मांगी जाती, तो कभी मुजफ्फरपुर होटल में बुलाकर आश्वासन दिया जाता।

जब शक गहरा गया, तो शिकायतें हुईं। एसपी स्वर्ण प्रभात ने कोटवा थाने में मुकदमा दर्ज कराया और एएसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। जांच में अब आरोपी की तलाश तेज है। यह घटना बेरोजगारी के संकट और जागरूकता की कमी को उजागर करती है।

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